बीजेपी विधायक नितेश राणे पर लटक रही गिरफ्तारी की तलवार, कहा कि हमें फंसाय जा रहा है

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ninesh rane
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फर्स्ट आई न्यूज डेस्क:

मुंबई: बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट से बीजेपी विधायक नितेश राणे को एक शिवसेना कार्यकर्ता के हत्या की कोशिश मामले में एक दिन के लिए राहत दी थी। हाई कोर्ट ने समय की कमी के चलते मामले की सुनवाई गुरुवार के लिए तय की है। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील ने कहा कि अगली सुनवाई तक पुलिस कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।

नितेश ने हाई कोर्ट से कहा कि पिछले महीने उन्होंने विधानसभा के बाहर राज्य के एक मंत्री के खिलाफ कमेंट किया था, इससे आहत महसूस करते हुए सत्ताधारी पार्टी ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। हत्या के प्रयास के मामले में नितेश राणे पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। हालांकि बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले में नितेश राणे को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी हुई है। नितेश राणे के लिए आज का दिन अहम है।

मुख्य साजिशकर्ता थे राणे
विशेष लोक अभियोजक सुदीप पासबोला ने अदालत को बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि राणे कथित तौर पर मामले के ‘मुख्य साजिशकर्ता’ थे और वह पूछताछ से बच रहे हैं। पासबोला ने हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसके बाद राणे के वकील नितिन प्रधान ने विधायक को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने का अनुरोध किया था। राणे को सूचित किया गया कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, जिसके बाद उन्होंने गिरफ्तारी से पहले जमानत मांग की थी।’

पासबोला ने कहा था कि 24 दिसंबर को जब राणे से पूछताछ की गई थी, तब पुलिस ने मामले की जांच शुरू ही की थी। पासबोला ने कहा, ‘ हालांकि, 26 दिसंबर को राणे के एक साथी को गिरफ्तार किया गया, जिसने मामले में उनकी भूमिका का खुलासा किया। हमारी जांच में सामने आया है कि राणे ही मामले का मुख्य साजिशकर्ता है।’ पासबोला ने फिर अदालत को मौखिक आश्वासन दिया था कि पुलिस सात जनवरी तक राणे के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।

नीतेश राणे को फंसाया गया!
अदालत ने पुलिस को ‘केस डायरी’ पेश करने का भी निर्देश दिया। केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे एवं भाजपा विधायक नीतेश राणे ने अपनी याचिका में दावा किया कि राजनीतिक रंजिश के चलते उन्हें हत्या की कोशिश के मामले में फंसाया गया है। सिंधुदुर्ग जिले की सत्र अदालत ने पिछले हफ्ते कंकावली के विधायक नीतेश राणे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। राणे ने याचिका में दावा किया है कि 30 दिसंबर को हुए सिंधुदुर्ग जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक चुनाव में भाग लेने से रोकने के एकमात्र उद्देश्य से ही उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

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