आयोग द्वारा चयनित शिक्षकों को अभी तक नहीं मिली जॉइनिंग

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721 लोगों में से 63 लोगों की अभी नहीं हो पाई जॉइनिंग-जिला विद्यालय निरीक्षक

फर्स्ट आई न्यूज:

जौनपुर: प्रवक्ता पद पर चयनित होने के बावजूद जॉइनिंग नहीं होने से आक्रोशित अभ्यर्थियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का घेराव किया। घेराव के दौरान कार्यालय पर जमकर नारेबाजी भी की। जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित का कहना है कि 721 लोगों में से 63 लोगों की जॉइनिंग अभी नहीं हो पाई है। वहीं माध्यमिक शिक्षक संघ सेवारत के प्रदेश अध्यक्ष रमेश सिंह ने कहा कि विभाग की दोहरी नीति के चलते इनको जॉइनिंग नहीं मिल रही है।

बता दें कि जिले के अशोक कुमार पाठक की प्रदेश में टीजीटी परीक्षा में 7वीं रैंक थी। अशोक खुश थे कि जल्द ही उनकी जॉइनिंग हो जाएगी, लेकिन आलम यह है कि पिछले 2 महीने से उनकी जॉइनिंग नहीं हो पाई है। वे कई महीने से विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। इतिहास के प्रवक्ता पद पर उनका चयन तो हो गया, लेकिन किसी विद्यालय में नियुक्ति अभी तक नहीं हुई है।

बार-बार आश्वासन दिया जाता है

विभाग में संपर्क करने पर बार-बार यह आश्वासन दिया जाता है कि धैर्य रखिए। विभाग द्वारा उनको इतना आश्वासन दिया गया है कि मानसिक रूप से वे अपने आप को प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं। वह चयन बोर्ड तक का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है।

अशोक कुमार पाठक की तरह रामयश यादव भी प्रताड़ित हैं। वे भी टीजीटी-2021 में आयोग द्वारा चयनित किए गए हैं। वे बताते हैं कि इस संदर्भ में वह डीएम से भी मिल चुके हैं। डीएम द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक को आदेश दिया गया था, लेकिन उसके बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। 2 दिन का समय देने के बाद भी जब कुछ नहीं हुआ तो वह लोग आज तीसरे दिन जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का घेराव करने पहुंचे हैं। वे बताते हैं कि उन्हें अलग-अलग विभागों में दौड़ाया जा रहा है।

विभाग की दोहरी नीति का शिकार

वहीं माध्यमिक शिक्षक संघ सेवारत के प्रदेश अध्यक्ष रमेश सिंह कहते हैं कि विभाग की दोहरी नीति का शिकार आयोग के द्वारा चयनित लोग हो रहे हैं। विभाग तदर्थ शिक्षकों को सैलरी दे रहा है और वहीं दूसरी तरफ आयोग से चयनित हुए लोगों की जॉइनिंग नहीं हो पा रही है। रिक्त पदों के सापेक्ष में इनकी नियुक्तियां हुई हैं। नियमानुसार इन्हें ज्वॉइन कराना चाहिए।

विभाग एक तरफ कहता है कि तदर्थ को भी रखना है तो दूसरी तरफ रिक्त पदों की सूची जारी करके आयोग से चयन भी कर रहा है। अधिसूचना जारी हो जाने के बाद इन्हें लगभग 3 से 4 महीने का इंतजार और करना पड़ेगा। सरकार अपना वोट देख रही है और ऐसे में ये लोग परेशान हैं।

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