लाकडाउन उल्लंघन तथा निजी अकाउंट में सहायता धनराशी की मांग का था आरोप, पुलिस ने दी क्लीन चिट

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मुजफ्फरनगर: सामाजिक संस्था प्रयत्न संस्था अध्यक्ष समर्थ प्रकाश पर चल रहे लाकडाउन उल्लंघन तथा धोखाधड़ी के मुकदमे की फाइल बंद हो गई है। वादी मुकदमा तथा समाजेसवी सुमित मलिक ने सीजेएम कोर्ट में पेश होकर मुकदमा आगे चलाने से इंकार कर दिया। पुलिस मामले की विवेचना कर कोर्ट में पहले ही एफआर दाखिल कर चुकी है।

दो अप्रैल 2020 को प्रयत्न संस्था अध्यक्ष के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में लाकडाउन उल्लंघन व धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। समाजसेवी तथा गांव पीनना निवासी सुमित मलिक ने मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि निजी पेटीएम नंबर जारी कर प्रयत्न अध्यक्ष लोगों से छल करने का प्रयास कर रहे हैं। सुमित मलिक ने बताया था कि उसने फेसबुक पर एक वीडियो देखा जिसमें प्रयत्न संस्था से जुड़े समर्थ ने निजी पेटीएम नंबर जारी कर लाकडाउन में लोगों की मदद के लिए रुपया देने को कहा है। उन्होंने आशंका जताई थी कि इस कार्य को देखकर अन्य लोग किसी को धोखाधड़ी का शिकार बना सकते हैं। उन्होंने प्रयत्न अध्यक्ष पर सार्वजनिक स्थल पर सामग्री वितरण कर लाकडाउन के नियम तोड़ने का भी आरोप लगाया था। जिसके बाद थाना सिविल लाइन में प्रयत्न अध्यक्ष के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी।

दो दिन बाद ही हो गया था आपसी समझौता

मुकदमा दर्ज होने के दो दिन बाद ही पूर्व राज्यमंत्री योगराज सिंह व समाजसेवी देवराज पंवार की मौजूदगी में प्रयत्न अध्यक्ष पर दर्ज मुकदमे के मामले में समझौता हो गया था। सुमित मलिक ने बताया कि बड़े लोगों के कहने पर उन्होंने इस मामले से पीछे हटने की बात कही थी। जिसके उपरांत प्रयत्न अध्यक्ष ने एक लाख एक रुपया राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के माध्यम से प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में जमा कराया था।

पुलिस ने मामले में लगाई थी क्लोजर रिपोर्ट

वादी मुकदमा तथा प्रयत्न अध्यक्ष के बीच आपसी समझौता होने के बाद विवेचक विनोद कुमार ने उक्त मामले में प्रयत्न अध्यक्ष को क्लीन चिट देते हुए मुकदमे में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी। कोर्ट में एफआर दाखिल कर दी गई थी। जिस पर कोर्ट ने वादी मुकदमा को तलब किया था।

सीजेएम कोर्ट ने स्वीकार की फाइनल रिपोर्ट

विवेचक के फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने के बाद सीजेएम कोर्ट ने वादी मुकदमा सुमित मलिक को नोटिस जारी कर तलब किया था। सुमित मलिक ने कोर्ट में शपथ पत्र देकर मुकदमा आगे चलाने से इंकार किया। जिस पर सीजेएम मनोज कुमार जाटव ने फाइनल रिपोर्ट स्वीकार कर ली।

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