CM Yogi द्वारा उ0प्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन-2021 का शुभारम्भ

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय उत्तर प्रदेश जलवायु परिवर्तन सम्मेलन-2021 का शुभारम्भ किया। यह आयोजन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उत्तर प्रदेश एवं जर्मन डेवलपमेन्ट एजेन्सी के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने विरासत वृक्षों पर आधारित एक काफी टेबल बुक तथा प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में 100 करोड़ पेड़ लगाने से सम्बन्धित एक पुस्तक ‘वृक्षारोपण जनआन्दोलन-2021’ का विमोचन किया। उन्होंने कार्बन न्यूट्रल पर आधारित एप लांच किया तथा प्रदेश में तीन ईको पर्यटन सर्किट का भी शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री की प्रेरणा और मार्गदर्शन में प्राकृतिक संरक्षण के लिए अनेक कदम उठाए हैं। वर्ष 2017 में प्रदेश में वर्तमान सरकार के बनने पर एन0जी0टी0 के आदेशों का पालन करते हुए अवैध बूचड़खानों को बन्द करा दिया गया। यह बूचड़खाने बीमारी का कारण बनते थे। देश और प्रदेश में 10 करोड़ परिवारों को स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत जोड़ा गया है। प्रदेश में 2017 के बाद 02 करोड़ 61 लाख परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय प्रदान किये गये। वर्तमान में प्रत्येक प्रदेश के 59 हजार ग्राम पंचायतों में एक-एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे उस गांव में कहीं गन्दगी न होने पाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पर प्रकृति और परमात्मा की असीम कृपा है। प्रदेश की भूमि दुनिया से सबसे उर्वरा भूमि है। साथ ही, दुनिया में सबसे अच्छा जलसंसाधन भी उपलब्ध है। वर्ष 2017 में प्रदेश सरकार के बनने पर उत्तर प्रदेश के 823 विकासखण्ड में 256 डार्क जोन में थे। डार्क जोन से उबारने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाए गए। इस क्रम में प्लास्टिक को बैन किया गया। देश के अन्दर प्लास्टिक को बैन करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक वर्ष 01 से 07 जुलाई तक वन महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसके तहत प्रदेश सरकार द्वारा वृक्षारोपण हेतु सभी विभागों के समन्वय से कार्यवाही की गयी। पहले वर्ष साढ़े पांच करोड़ वृक्ष, दूसरे वर्ष 11 करोड़ वृक्ष, तीसरे वर्ष 22 करोड़, चैथे वर्ष 25 करोड़ से अधिक और पांचवे वर्ष 30 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण किया गया। वृक्षारोपण महा महोत्सव में यूकेलिप्टस, पापुलर के स्थान पर पीपल, पाकड़, नीम, जामुन, अर्जुन, आंवला जैसे पौधों की नर्सरी तैयार कराकर रोपने को वरीयता दी गयी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित 43 लाख परिवारों को सहजन का पेड़ लगाकार आवास प्रदान किये गये हैं। सहजन के पौधे से सब्जी के रूप में प्रोटीन और मिनरल पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 05 वर्ष में 100 करोड़ पेड़ लगाने के साथ ही, 100 वर्ष पुराने वृक्षों को संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। बाराबंकी जनपद में 5,000 वर्ष पुराना एक हेरिटेज वृक्ष मौजूद है। दुधवा नेशनल पार्क ईको टूरिजम का एक बड़ा पार्क है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग सृष्टि के लिए खतरनाक है। जलवायु परिवर्तन कई प्रकार की बीमारियों का कारण भी है। जलवायु परिवर्तन के सम्बन्ध में एन0जी0टी0 द्वारा विशेष गाइड लाइन, चेतावनी तथा निर्देश जारी किए जाते हैं। भारत दुनिया में जनसंख्या की दृष्टि से दूसरे नम्बर पर होने के बावजूद प्रदूषण के प्रसार में काफी पीछे है। यह देखने में आ रहा है कि प्रकृति के नजदीक रहने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर रहती है।।

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