UP News: किसी भी मरीज को दवाई, ऑक्सीजन, बेड तथा एम्बुलेंस की कमी न होने पाए- योगी

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UP-Yogi government will provide oxygen to home isolation patients
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनपद सहारनपुर में कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार के लिए सहारनपुर मण्डल में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग को और अधिक प्रभावी करते हुए टेस्टिंग कार्य बढ़ाया जाए। किसी भी मरीज को दवाई, ऑक्सीजन, बेड तथा एम्बुलेंस की कमी न होने पाए। प्रत्येक अस्पताल में सभी उपकरण क्रियाशील स्थिति में रहें। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तर पर 300 ऑक्सीजन प्लाण्ट प्रस्तावित हैं, जिनमें से 11 ऑक्सीजन प्लाण्ट सहारनपुर में स्थापित होंगे। समीक्षा बैठक में सहारनपुर मण्डल के जनपदों के अन्य अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद में कम्युनिटी किचन को सुचारु रूप से संचालित किया जाए, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को भोजन उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए और मास्क लगाने के लिए निरन्तर प्रेरित किया जाए। जिस व्यक्ति को जो जिम्मेदारी सौंपी जाए, वह उसका भली प्रकार से निर्वहन करे, तो ही संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सकता है। जनपद स्तर पर अलग-अलग टीम गठित की जाए और जिम्मेदारी सौंपने के साथ ही सम्बन्धित की जवाबदेही भी तय की जाए।

किसी भी मरीज को बेड और चिकित्सीय सुविधा में कमी न होने पाए- योगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पताल और मेडिकल काॅलेज में आवश्यकतानुसार मैनपावर बढ़ायी जाए तथा कोविड कार्य में कार्यरत कार्मिकों को 25 प्रतिशत अधिक मानदेय से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर (आई0सी0सी0सी0) को अधिक से अधिक प्रभावी किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता पडने पर तत्काल एम्बुलेंस मुहैया करायी जाए। किसी भी मरीज को बेड और चिकित्सीय सुविधा में कमी न होने पाए। कोई भी मरीज दवाई, बेड और आॅक्सीजन के अभाव मंे इधर-उधर न भटके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कण्टेनमेण्ट जोन के प्राविधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि 50 से कम कार्मिकों वाले औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क तथा 50 से अधिक कार्मिकों वाली औद्योगिक इकाइयों में कोविड केयर सेण्टर बनाया जाए। अधिकारी समय-समय पर ऐसे संस्थानों में स्थापित कोविड हेल्प डेस्क और केयर सेण्टर का निरीक्षण भी करें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को वैक्सीनेशन की पहले से प्लानिंग करने के निर्देश दिए, जिससे सभी लोगों को समय से वैक्सीनेशन किया जा सके और वेस्टेज भी न हो। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन सेण्टर पर प्रतीक्षा क्षेत्र और आॅब्जर्विंग क्षेत्र अलग-अलग होने चाहिए। निजी चिकित्सालय, लैब और एम्बुलेंस नियमों का उल्लंघन करने पर उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। बच्चों, महिलाओं और गम्भीर रूप से बीमार व्यक्तियों के लिए अलग से नाॅन कोविड अस्पताल डेडिकेट किया जाए। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर में 11 ऑक्सीजन प्लाण्ट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी कोविड मरीज को ऑक्सीजन और जीवन रक्षक दवाइयों की कमी न होने पाए। कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए और अफवाह फैलाने तथा माहौल बिगाड़ने वालों पर पैनी निगाह रखी जाए। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में मेडिकल किट का वितरण शत-प्रतिशत कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। एक भी संदिग्ध और लक्षणयुक्त व्यक्ति मेडिकल किट से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि निगरानी समितियों के माध्यम से लक्षणयुक्त व्यक्ति को तत्काल मेडिकल किट मुहैया कराते हुए उनका नाम, फोन नम्बर, पता आदि की सूची तैयार कर तत्काल इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर को उपलब्ध करायी जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संदिग्ध और लक्षणयुक्त व्यक्ति का रैपिड रिस्पाॅन्स टीम के माध्यम से जल्द से जल्द जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों, लक्षणयुक्त व्यक्तियों की एक सूची जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध करायी जाए। जनपद में हो रहे सफाई, सैनिटाइजेशन और फाॅगिंग अभियान के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले कार्यों की सूची भी जनप्रतिनिधियों को दी जाए। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्साधिकारी कोविड से सम्बन्धित मामलों और इस सम्बन्ध में की गई कार्यवाही की नियमित रूप से समीक्षा करें। साथ ही, जनप्रतिनिधियों के साथ निरन्तर संवाद बनाए रखें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निःशुल्क खाद्यान्न वितरण के माध्यम से अन्त्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को राशन उपलब्ध कराने के साथ-साथ सत्यापन कर अन्य जरूरतमन्दों को भी राशन दिलाया जाए, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। उन्होंने कहा कि राशन वितरण के समय सोशल डिस्टेसिंग, मास्क, सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाए। गो-आश्रय स्थलों में अभी से ही चारे की पर्याप्त मात्रा सुरक्षित कर ली जाए। गो-आश्रय स्थलों में छाया, पानी, चारे, चिकित्सीय सुविधा के अभाव में किसी भी गोवंश की मृत्यु नहीं होनी चाहिए।

समीक्षा बैठक के दौरान गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा, आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्म सिंह सैनी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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