UP: बनारस की बेटी की बहादुरी से हारे तीन बदमाश

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वाराणसी। आए दिन ट्रेन पर लूटमार की घटनाएं सामने आती रहती है। ऐसे ही एक मामला राजगीर से चलकर नई दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस का सामने आया। मंगलवार को एक बुजुर्ग महिला यात्री के गले से बदमाशों ने चेन छीन ली। हालांकि महिला की बहू साहस दिखाते हुए तीनों बदमाशों से भिड़ गई। बहू ने बदमाशों के बैग व मोबाइल छीन लिए लेकिन सास की चेन नहीं बचा सकी। दुखद पहलू यह भी रहा कि इस दौरान बोगी में मौजूद सभी यात्री मूकदर्शक बने रहे। काफी देर तक चली छीना-झपटी के बाद बदमाशों को चलती ट्रेन से कूदकर भागना पड़ा।

बताया जा रहा है कि मूल रूप से बक्सर (बिहार) के ग्राम रामपुर निवासी अंशु कुमारी फिलहाल रोहनिया क्षेत्र स्थित विशाल नगर में रहती हैैं। वह अपनी सास कमलेश राय और चार साल के बच्चे को लेकर श्रमजीवी एक्सप्रेस की एस-7 बोगी में सफर कर रही थीं। नालंदा से ट्रेन में बैठीं अंशु को वाराणसी आना था। पेशे से स्टाफ नर्स अंशु कुमारी ने बताया कि तीन युवक नालंदा में ही उनकी बोगी में दाखिल हो गए थे। उनकी बर्थ दरवाजे के समीप थी। ट्रेन धीमी होने पर एक युवक ने उनकी सास कमलेश राय के गले पर झपट्टा मारा। जब तक वे भाग पाते, अंशु ने एक बदमाश को दबोच लिया। उसे बचाने के लिए उसके दोनों साथियों ने महिला से हाथापाई शुरू कर दी।

इस दौरान बोगी में सवार अन्य यात्री चुपचाप बैठे रहे। काफी देर चली छीना-झपटी के बाद तीनों बदमाश चलती ट्रेन से कूदकर भाग निकले। अंशु ने बदमाशों का बैग और मोबाइल फोन छीन लिया। घटना की सूचना रङ्क्षनग स्टाफ को दी गई। कैंट स्टेशन (वाराणसी जंक्शन) पहुंचने के बाद अंशु ने जीआरपी थाने में तहरीर दी। इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर घटना नालंदा क्षेत्र की पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है। महिला ने बदमाशों से बरामद बैग और उसमें मौजूद आधार कार्ड और मोबाइल फोन जीआरपी थाने में जमा कर दिया है।

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