यूपी: ओवैसी के तीन दिवसीय दौरे का आज आखिरी दिन

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AIMIM चीफ का आज दौरे का आखिरी दिन है। असदुद्दीन ओवैसी यूपी के तीन दिवसीय दौरे पर ओये हुए थे । भाजपा-कांग्रेस के बाद सपा के गढ़ पर ओवैसी की नजर दौरे के आखिरी दिन टिक गई है।आज बाराबंकी में उनकी जनसभा है। वहीं दौरे के आखिरी दिन बाराबंकी में ओवैसी की जनसभा को लेकर पेंच फंस गया था।

कहा जा रहा है कि बुधवार देर शाम तक प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति ही नहीं दी थी। माना जा रहा था कि ओवैसी का दौरा कैंसिल हो जाएगा। हालांकि, देर आयोजकों ने जब जगह बदलने की बात की तो प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति दे दी। अब दोपहर 12 बजे उनका काफिला आलापुर पहुंचेगा। यहां पार्टी नेता उनका स्वागत करेंगे। दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब वो कटरा बारादरी में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

सपा के गढ़ पर ओवैसी की नजर

जानकर मानते हैं कि यूपी चुनाव में उतरने का एलान कर चुके एएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी सबसे ज्यादा सपा को नुकसान पहुंचाएंगे। अपने तीन दिवसीय यूपी दौरे के आखिरी दिन उन्होंने सपा के गढ़ बाराबंकी को चुना है। जहां वह अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे। अपने रहनुमा के आने से खुश एएमआईएम कार्यकर्ताओं ने पूरा शहर पोस्टर से पाट दिया है। बताते चले कि बीते 3 चुनावों में बाराबंकी जिले की 7 विधानसभा सीटों में सपा अपनी जगह बनाती रही है। समाजवादी पार्टी के फाउंडर मेंबर स्वर्गीय बेनी प्रसाद वर्मा भी यहीं से रहे हैं। जबकि अरविंद सिंह गोप भी बाराबंकी से ताल्लुक रखते हैं।

2017 विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने बाराबंकी की 7 सीटों में से 6 पर जीत दर्ज की थी। जबकि सपा बाराबंकी सदर सीट बचाने में कामयाब रही थी। 2012 विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा ने यहां 6 सीट जीती थी। वहीं 2007 विधानसभा चुनाव में मायावती की सोशल इंजीनियरिंग के दौर में भी सपा ने एक सीट पर कब्जा जमाया था। यहां जातियों का गठजोड़ भी सपा के मनमुताबिक रहा है। कुर्मी और मुस्लिम यहां बाहुल्यता में हैं। बाराबंकी में तकरीबन 25% मुस्लिम हैं।

सुल्तानपुर से कांग्रेस को गढ़ में दी चुनौती

एएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को सुल्तानपुर में प्रधानमंत्री मोदी से लेकर योगी तक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, मोदी के दो बार प्रधानमंत्री बनने का कारण अखिलेश यादव और मायावती हैं। सियासत के जानकारों का मानना है कि सुल्तानपुर के साथ-साथ उनकी नजर अमेठी और रायबरेली पर भी है। यह बताने की जरूरत नहीं है कि इन तीनों जिलों में भले ही 2017 में भाजपा ने अपना वर्चस्व बनाया हो, लेकिन इसे आज भी कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है। इन तीनों जिलों में लगभग 43% मुस्लिम आबादी है।

अयोध्या में ध्रुवीकरण की कोशिश

मंगलवार को अयोध्या पहुंचे ओवैसी ने ध्रुवीकरण की कोशिश करने की कोशिश की। राममंदिर की वजह से अयोध्या भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां उन्होंने अयोध्या के रुदौली में एक सभा की थी। यहां उन्होंने कहा कि ‘ये 2017 वाली मजलिस नहीं है, अब हमारा संगठन मजबूत है। हमारी पहली कोशिश है कि यहां से हमारी मुस्लिम लीडरशिप की शुरुआत हो। आज जो लाचार है, वो यूपी का मुसलमान है। यूपी में सबको हिस्सा मिला, लेकिन यूपी के मुसलमानों को उनका हिस्सा नही मिला’। फैजाबाद शब्द को लेकर हुए विवाद पर ओवैसी बोले- अयोध्या भी भारत में है, फैजाबाद भी भारत में है, फैजाबाद नाम से सरकार को जलन क्यों है, यहां तो अशफाक उल्ला खान को फांसी दी गई। अशफाक उल्ला खान और राम प्रसाद बिस्मिल की दोस्ती कैसी थी समझिए।

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