घर बैठे एक फोन कॉल पर कैंसिल हो जाएगा आपके वाहन का रजिस्ट्रेशन, मिलेगी सब्सिडी

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नोएडा: ई-व्हीकल (E-Vehicle) को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार ही नहीं राज्य सरकारें भी लगातार कोशिशें कर रही हैं. मकसद है कि पेट्रोल (Petrol) और डीजल पर निर्भरता कम हो और वायु प्रदूषण भी न फैले. इसी कोशिश में गौतम बुद्ध नगर में एक नई पहल शुरू की गई है. नोएडा  में पहला स्क्रैप एंड रीसाइक्लिंग सुविधा केन्द्र (Scrap and Recycling Facility Center) शुरू किया गया है. इस केन्द्र की मदद से अब आप घर बैठे एक फोन कॉल पर अपने कबाड़ वाहन का रजिस्ट्रेशन (vehicle registration) कैंसिल करा सकेंगे. आपका कबाड़ वाहन भी कंपनी के कर्मचारी घर आकर ले जाएंगे. इतना ही नहीं नया ई-व्हीकल खरीदते वक्त आपको सब्सिडी (Subsidy) भी घर बैठे ही मिलेगी।

घर बैठे ऐसे स्क्रैप होगा आपका वाहन

स्क्रैप एंड रीसाइक्लिंग सुविधा केन्द्र की शुरुआत नोएडा में हो चुकी है. मारुति कंपनी ने इसे शुरू किया है. हाल ही में केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसका उद्घाटन किया था. जानकारों की मानें तो कंपनी के टोल फ्री नंबर 18004193530 पर कॉल करके आपको बताना होगा कि मुझे अपना वाहन स्क्रैप कराना  है. ईमेल की मदद से भी वाहन के बारे में जानकारी दे सकते हैं।

आपके सूचना देने के फौरन बाद कंपनी के कर्मचारी आपके घर आ जाएंगे. वाहन के दस्तावेज और वाहन की कंडीशन देखकर कीमत बताएंगे. सौदा तय होने के बाद कर्मचारी वाहन को कंपनी में जाकर स्क्रैप में बदल देंगे. इसके बाद कंपनी की ओर से आपके वाहन से संबंधित एक सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा. साथ ही आपके वाहन की कीमत आपके बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाएगी।

आरटीओ की बेवसाइट पर अपलोड होगा स्क्रैप सर्टिफिकेट

स्क्रैप कंपनी का कहना है कि वाहन के स्क्रैप होते ही कंपनी की ओर से एक सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा. इस सर्टिफिकेट को वाहन का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कराने के लिए आरटीओ की बेवसाइट पर अपलोड करना होगा. इसके आधार पर वाहन का रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो जाएगा. इतना ही नहीं इस सर्टिफिकेट को दिखाने के बाद नया ई-व्हीकल खरीदने पर छूट मिलेगी. नए वाहन के रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन कराने में भी छूट मिलेगी।

बाजार में स्क्रैप के भाव से मिलेगी वाहन की कीमत

आपके स्क्रैप वाहन की कीमत कंपनी बाजार में स्क्रैप के रेट को देखते हुए लगाएगी. जो रेट बाजार में चल रहा होगा वो रेट आपके वाहन का वजन करने के बाद आपको दे दिया जाएगा. पहले वाहन का वजन किया जाएगा. इसके बाद लोहा, एल्यूमिनियम कितना है इसका आकलन किया जाएगा. इतना ही नहीं टायर की हालत देखने के बाद स्क्रैप का भुगतान किया जाएगा।

वाहन से निकले टायर का ऐसे किया जाएगा इस्तेमाल

कंपनी के जानकारों का कहना है कि वाहनों से निकले टायर के वेस्ट से फाइबर तैयार किया जाता है. इस फाइबर का इस्तेमाल पुल आदि बनाने में किया जा रहा है. अभी मेट्रो के दो पिलर के बीच केवल 30 मीटर दूरी होती है, लेकिन भविष्य में ऐसी योजना तैयार की जा रही है कि खराब टायरों से निकले वेस्ट से ब्रिज बनाने और मेट्रो लाइन तैयार करने में किया जाएगा. इसके इस्तेमाल से दो पिलर के बीच 30 मीटर की दूरी बढ़कर 120 मीटर हो जाएगी।

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